Paytm payment bank . पेटीएम पेमेंट बैंक क्या है ? 

Reserve bank से licence मिलने के बाद डिजिटल ट्रांसेक्शन की सुविधा देने वाली company paytm 23 may 2017 से paytm payment bank बन गया है ।

2015 में reserve bank ने 11 companies को payment bank खोलने का licence दिया था reliance industry , paytm , airtel , vodafone आदि को जिसके चलते paytm ने भी अपना पेमेंट बैंक खोल दिया हैं । इस payment bank की कुछ खास बातें….. 😘

. देश का पहला बैंक जो online transaction जैसे NEFT, IMPS,RTGS से करतें हैं तो कोई transaction fees नही लेगा।

. Launching के मौके पर 1% का cash back दिया जा रहा है अगर कोई 25,000 ₹ deposit करता है तो उसे 250 ₹ cash back दिया जाएगा ।

. Maximum deposit limit 1 लाख रुपये रखी गयी है।

. Intrest rate  4% annual होगा यानी कि अगर कोई 1लाख ₹ जमा करता है तो उसे 4000 ₹ सालाना  ब्याज मिलेगा ।

. Demand draft , debit card , check book available होंगे ।

. Debit card , check book के लिए 100 ₹ +delivery charge देना होगा ।

अगर आपका paytm wallet है तो आपका wallet automatically paytm payment bank में migret हो जायेगा।

अगर आप नहीं चाहते हो कि आपका wallet paytm bank में transfer हो तो आपको help@paytm.com पर mail करना होगा या फिर paytm.com/care पर visit करें ।

अगर आपका paytm wallet last six month से inactive है तो आपका wallet ppbl में transfer नहीं होगा इसके लिए आपको paytm bank जाना होगा ।

Airtel में ग्राहक को vertual debit card मिलता था लेकिन paytm payment bank में physically debit card , check book , demand draft मिलेंगे अगर आप request करतें हैं तो ।

Minimum balance की बात की जाए तो अभी हाल ही में कुछ बैंको ने minimum balance limit fix कर दी ही जिससे कम balance रखने पर कुछ charge लिया जाएगा लेकिन paytm ने ऐसी कोई  minimum balance limit नहीं रखी है ।

Http vs https                http और https में अंतर।

जब हम किसी website को  open करते हैं तो browser के url bar में website के domain name के पहले http:// या https:// लिखा होता है इन दोनों में security के हिसाब से बहुत बड़ा अंतर होता है ।

Http (hyper text transfer protocol) web पर  जब user deta search करता है तो user और server के बीच जो भी information share होती है वो normal text के रूप में share होती है अगर कोई हैकर्स दोनों के बीच के इस exchange information को हैक कर लेता है तो वो उस deta को आसानी से पढ़ लेता है ।

Property of http connection 

. इसमें data encrypt नही होता मतलब की share की जाने वाली इन्फॉर्मेशन या डेटा plane टेक्स्ट में होता है ।

.  Url address http:// से शुरू होता है।

. No certificate required .

. Unsecured  

 Https ( hyper text transfer protocol secure ) https website के through जब user information के लिए server से bound करता है तो दोनों के बीच share होने information या data code language के रूप में transfer होता है जिसे अगर  third person बीच में hack कर लेता है तो उसके लिए इस code को पढ़ पाना बहुत ही मुश्किल होता है ।  https के लिए ssl certificate लेना होता है । अगर user चाहे तो वो अपने document को खुद भी encode कर सकता है लेकिन उसमें  त्रुटि की संभावना ज्यादा होती है और समय भी बहुत ज्यादा लगता है और  हर एक user को  इसकी जानकारी नहीं होती है जबकि computer ये काम आसानी से कर देता है इसके लिए ही हमे अपनी वेबसाइट के लिये ssl certificate लेना होता है ।

Property of https connection 

. इसमें data encrypt होता है जिसे पढ़ पाना बहुत ही मुश्किल होता है ।

. Url address https से शुरु होता है ।

. Certificate required .

. Secured .

अगर हम normally किसी  website को use करतें हैं जैसे कि jokes पढ़ने के लिए , news पढ़ने के लिए , mp3 download करने के लिए आदि तो ऐसे में अगर कोई हमारे और server के बीच होने वाली डेटा transfer को हैक कर लेता है तो वो simply user को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता लेकिन अगर हम कोई अपनी sensitive information जैसे कि बैंक से सम्भन्धित जानकारी या अपनी id password या कोई और ऐसी information जिसके किसी हैकर्स के हाथों में पड़ने से हमे  किसी भी तरह का नुकसान होता हो तो ऐसी information कभी भी किसी unsecured site ( http ) पर share नहीं करनी चाहिए तभी online shopping website https protocol को use करती है ताकि customer द्वारा share की जाने वाली information secure रहे और google भी ऐसी वेबसाइटों को अधिक मान्यता देता है ।

Recover saved password in Google chrome browser गूगल क्रोम में सेव पासवर्ड को कैसे रिकवर करें ?

Google chrome से saved password को recover करने का तरीका बहुत ही आसान है लेकिन उससे पहले ये भी जान लें कि chrome browser में password save कैसे होता है ।

Chrome  सबसे अधिक use किये जाने वाला browser हैं खासकर वो user जो आज के समय में security feature को लेकर काफी सजग हैं ।

 chrome browser से जब आप किसी वेबसाइट पर login करतें हो और password field में जब password entre कर चुके होते हैं तब आपको एक popup दिखाई देता है जो आपको chrome browser में आपके पासवर्ड को save करने के लिए पूछता है और अगर आप उसे ok कर देते हो तो आपका password को browser google में store कर देता है और जब आप अगली बार उस website पर login करने के लिए अपनी email id या username लिखने के बाद password पर click करतें हो तो आपका password auto fill हो जाता है और आपको  वेबसाइट पर जाने के लिये अब सिर्फ ok करना होता है । मतलब ये की chrome browser user अगर चाहे तो उसे password याद रखने की जरूरत नहीं है । save password के option को आप setting में जाकर enable या disable कर सकतें हैं ये अब आपको सोचना होगा कि आप अपना password कहीं share करना चाहतें है या नहीं क्योंकि हो सकता है कि कोई आपका जानकार या अन्य कोई आपके computer या mobile से इसी method के द्वारा अगर वो आपके email password को जानता है तो आपके chrome में saved  सभी password को हासिल कर सकता है तो कम से कम आपके sensetive वेबसाइटों के password को तो saved नहीं करना चाहिए ये option user अपनी सुविधा के हिसाब से use कर सकता है ।

अब अगर आप saved password को use कर रहे हो तो एक समय के बाद शायद आप अपने particular password को भूल जाएं या आप कही किसी दूसरे के mobile या computer से अपनी साइट को open करना चाहें और आपको अपना password याद नहीं है तो आप अपने saved password को recover कर सकतें है आपके saved किये password google अपने पास store करके रखता है ऐसे में आप दूसरे के device से भी इसे access कर सकतें है। नीचे mobile और pc दोनों से recover करने की step दी गई है 

Recover in mobile 

Chrome browser की setting में जाकर save password में जाएं यहाँ आपको  passwords.google.com पर click करें या आप   सीधे https://passwords.google.com पर जाकर अपनी mail id से login करें login करने के बाद अगले पेज पर उन सारी वेबसाइटों के नाम व password  मिल जाएंगे जो कि आपने अपने browser से save किये थे  eye के icon पर क्लिक करके आप इन password को देख व delete कर सकतें हैं ।

Desktop या computer में

.Chrome browser को open करें   और उसके बाद setting को open करे पेज के नीचे bottom पर manage password पर click करें अगले page पर वेबसाइटों के link व उनके password आपको मिल जायेंगे जिन्हें आप देख व delete भी कर सकते हैं ।

 What is Android   o    एंड्रॉइड o क्या है ?

 Google ने अपने 2017 के i/o confrence के दौरान Android के नए version android o    ( oreo संभावित नाम )  की घोषणा कर दी है। इसे तो अभी आने में समय लगेगा लेकिन march में ही google ने अपने कुछ device के लिए इसका preview version  रिलीज कर दिया था और अब इसका beta version launch कर दिया है । जैसे की आपको पता ही है कि android  गूगल  द्वारा विकसित open platform है इसलिये android का जब भी नया version  launch होता है तो वो पहले google के device में ही आता है ।

Android o में काफी सारे नये feature आने की उम्मीद की जा रही है preview version या beta version  में जो changes दिखाई दिये गए है वो सारे feature  android o के officially version में होंगे या नही इसके बारे में अभी  से कोई idea नहीं लग सकता । android o में  आने वाले features  ….

1. Picture in picture 

जहाँ पहले अगर आपको  youtube पर video देखते समय कोई नोटिफिकेशन पढ़ना होता था तो आपको back जाकर notification देखना होता था या आप gallery देख रहें हैं तब लेकिन अब video को minimize करके आप वो काम कर सकते है जैसे कि whatsapp message को reply कर सकतें है आपका video minimize होकर display के किसी भी कोने में चलता रहेगा  या कहे तो multitasking window का option मिल रहा है ।

2. Notification dots or snooze

नोटिफिकेशन में भी काफी changes देखने को मिलेंगे जैसे कि आप इसके colour को चेंज कर सकतें है या अगर आपको कोई notification को अभी नहीं देखना चाहते हैं तो आप उसके लिए टाइम set कर सकतें है वो आपके set किये गए time के बाद फिर से show करेगा ।

3. Show badges

Oreo में आने वाले हर नोटिफिकेशन उस particular app के icon पर शो करेगा जैसे कि आपके gmail पर कितने mail आये हुए हैं ।

4. Background limit 

बैकग्राउंड में चलने वाली particular app लिए आप time या कितनी app को आप background में चलाना चाहते है इन्हें भी आप customize कर सकेंगे हालांकि ये feature अभी भी available है लेकिन इतना advance नहीं है इसमें कुछ और extra feature मिलेंगें।

5. Security 

सेक्युरिटी को लेकर भी नए फीचर add किये गए है  अगर आप play store के बाहर से कोई app download  करते हों और सम्भावित malware को लेकर आपको आगाह कर दिया जाएगा या हो सकता है कि unknown source से download के option को ही हटा दिया जाये ।

6. Smart selection 

अगर आप कोई text या कोई नम्बर पर hold करतें हैं तो आपको उस नम्बर या word से related option वही show कर दिया जाएगा जिससे आप सीधे उसी जगह से उस option को access कर सकेंगे ये option copy paste के तौर पर अभी भी available है लेकिन आगे इसमें कुछ और option मिलने वाले हैं जैसे कि अगर आप text “map” पर hold करतें हैं तो आपको copy paste के साथ  google map का भी option मिलेगा ।

7. Revamped file manager 

हो सकता है कि अब आपको अलग से file manager जैसे कि es  file explore आदि  download करने की जरूरत न पड़े क्योंकि आपको default file manager में ही वो सारे option मिल जाये ।

इसके अलावा कुछ और  feature भी है जैसे कि battery से related , auto fill api , finger print scanner gesture , adaptive icon , system ui tuner, physical key bord etc. इन सब में से क्या कुछ आने वाला है या छूटने ये तो जब android o launch होगा तभी पता लगेगा  क्योंकि company को अपने हिसाब से सारी चीजों को देखना व करना पड़ता है ।

What is YouTube dark ? क्या है यूट्यूब डार्क 

YouTube dark यूट्यूब का एक hidden feature है ।

Jio आने के बाद से YouTube पर user की तादाद अचानक बहुत ही  unexpected तरीके से बढ़ गई है । अब user YouTube पर तरह तरह की information , movies , sports न जाने कितने तरह के सवालों के जवाब YouTube पर ढूंढते हैं । white background और red colour में YouTube को देखते देखते अगर बोर हो गए हों तो कैसा लगे अगर YouTube आपको dark colour में दिखे । जी हां YouTube dark यूट्यूब का एक hidden features है जिसे computer पर बहुत ही आसान step के द्वारा access किया जा सकता है । YouTube के इस feature को अभी सिर्फ google chrome browser से ही access किया जा सकता है । सबसे पहले अपने chrome browser को latest version से update कर लें ( Google chrome browser version 57 or above ) अब YouTube की वेबसाइट पर जाएं अगर आपने sign in नहीं किया है तो पहले sign in करलें । अब developer tools को open करें ।

अगर आप window user हैं तो ctrl+shift+I  दबाएं और अगर mac user हैं तो command+option+I दबाकर next page को open करें यहां आपको console tab का option दिखाई देगा इसमें आप नीचे लिखे code को paste कर दें 

document.cookie=”VISITOR_INFO_LIVE=fpq4jcL6EiEi; path=/” 

अगर ऊपर लिखा code work नहीं करता है तो आखिरी में लिखे    path=/”  को हटा दें ।

अब YouTube page को refresh करें  और अब youtube के profi icon पर click करें और अगले section में dark mode को enable कर लें  ।

wanna cry ransomeware क्या है और इससे कैसे बचें ?

Ransomeware wanna cry पूरे world में आज के दिन चर्चा का विषय है क्योंकि इसने लगभग 150 देशों के 2,00000 से भी ज्यादा computer system को प्रभावित किया है ।

Ransome का मतलब होता है फिरौती ware मैलवेयर का संछिप्त नाम (wanna cry रोना चाहता ) है ।

Ransomeware एक तरह का malware है जो कि window पर आधारित operating system पर attack करता है क्योंकि दुनिया में 90 % देशों में computer पर  window operating system पर काम होता है इसलिए hackers इस चीज को ध्यान में रखते हुए ऐसे system पर ही ज्यादा attack करते हैं ।

Wanna cry ransomeware  जो कि computer system में घुसकर user को अपनी file व data के access को block कर देता है और बदले में फिरौती की मांग करता है कि अगर आप इतनी रकम दोगे तो आपको एक key मिलेगी जिससे आप अपने system को unlock कर पाएंगे अगर आप फिरौती के पैसे नहीं देते है तो आप अपने file व डेटा को वापिस हासिल नही कर पायेंगे ।  

इस virus से बचने के कुछ उपाय है जिनको अपनाकर आप काफी हद तक इस वायरस attack से बच सकतें है ।

1. किसी भी website के अनजाने link पर click न करें या किसी प्रलोभन देने वाले popup या किसी भृमित करने वाले link जैसे कि आपके phone में virus आ गया है जैसे किसी भी link पर click न करें ।

2. किसी भी अनजाने email के link पर जिसमें किसी file download का link हो या किसी link में .exe जैसा कोई attachment हो जैसे किसी भी link को open न करें ।

3. अपने computer system में हमेशा किसी अच्छे registered antivirus को install करें व समय समय पर उसे update करतें रहें व window firewall को हमेशा on रखें जिससे अगर आपके system पर attack होता है तो आपको पहले चेतावनी  मिल जाएगी ।

4. System में remote sharing के option को off रखें ।

5. Pyrated software का प्रयोग न करें 

6. Mobile , pendrive या किसी और बाहरी source को अपने computer में जोड़ने से पहले scan कर लें ।

7. अपने computer के डेटा का backup किसी बाहरी source जैसे hard drive आदि में रखें व समय समय पर उसे update करतें रहे और इस backup source को computer से तभी जोड़े जब आपको backup लेना हो क्योंकि अगर आपके system पर virus attack होता है और अगर आप अपने डेटा को नहीं बचा पाते तो आपके पास कम से कम उस डेटा का backup तो है ।

अगर अपको लगता है कि आपके computer system पर syber attack हुआ है या कोई अचानक आपका सिस्टम unexpected behave करता है तो तुरंत अपने कम्प्यूटर सिस्टम को network से disconnect कर दे और  हो सके तो computer को format कर दें । व घटना की जानकारी toll free number 1800 11 4949 पर या syber cell को दें ।

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